चंडीगढ़, 28 जुलाई (Pooja Goyal) :
‘‘जिंदगी से हमें जितने भी उपहार मिले हैं, उनमें से मां सबसे अच्छा तोहफा है‘‘, – यह एक सशक्त कहावत है। ‘मां‘ का महत्व सारी दुनिया में एक जैसा है, नहीं? जब वे कहते हैं कि ‘प्यार‘ की शुरूआत और अंत मातृत्व के साथ होता है, तो क्या आपने कभी मां-बेटी की ऐसी जोड़ी की कल्पना की है, जिनके बीच ‘प्यार‘ की कोई भावना ही नहीं है।
स्टार प्लस अपने दर्शकों के लिए एक नया शो ‘रिश्तों का चक्रव्यूह‘ लेकर आ रहा है। इसकी कहानी मां सतरूपा और उसकी बेटी अनामी के बीच के टकराव पर आधारित है। शाही पृष्ठभूमि पर आधारित इस शो की कहानी एक अमीर औद्योगिक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। यह परिवार एक भव्य लाल महल में रहता है। यह लाल महल कई षड़यंत्रों का घर है। इस शो की कहानी के दो मुख्य किरदार हैं सतरूपा और उसकी बेटी अनामी। सतरूपा को हमेशा अपने आप को केन्द्र में रखने की आदत है।
इस दिलचस्प जोड़ी के बीच हमेशा विवाद होता रहता है। आखिर उन्हें किसने अलग किया है? क्या यह परिवार में होने वाला आम झगड़ा है, जो समय के साथ ठीक हो जाएगा? या फिर यह एक स्थायी दरार है जिसकी उत्पत्ति द्वेष से भरे अतीत के कारण हुई है? एक मां और बेटी का रिश्ता बेहद पवित्र माना जाता है, यह इतना द्वेषपूर्ण कैसे हो सकता है?
सतरूपा की भूमिका बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री नारायणी शास्त्री निभा रही हैं। सतरूपा एक दृढ़ इच्छाशक्ति वाली कामयाब बिजनेस वीमेन है। वह अपने माता-पिता की अकेली लड़की है और बहुत कम उम्र में ही उसने बिजनेस की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। वह आज जिस मुकाम पर है, वहां तक पहुंचने के लिए उसने अपनी जिंदगी में काफी बलिदान दिये हैं। एक प्रकार से कहा जा सकता है कि लाल महल की डोर पूरी तरह से सतरूपा के हाथों में हैं।
इस कटु संबंध के दूसरी ओर एक आत्मविश्वासी, निडर और जिंदादिल अनामी है और यह किरदार महिमा मकवाना निभा रही हैं। 17 वर्षीय अनामी बनारस की रहने वाली है और दंबग रवैये के साथ विद्रोही स्वभाव की है। वह अपनी खुद की बॉस है और अपने फैसले खुद से लेती है। अत्यधिक क्रोध करने वाली अनामी हमेशा सही के पक्ष में खड़ी रहती है और अपनी किस्मत खुद से लिखने में यकीन करती है। उसका लुक उसे सबसे अलग करता है। निर्भीक अनामी अपने भारी-भरकम तकियाकलाम के लिए जानी जाती है – ‘हमारे बारे में ज्यादा मत सोचिये दिमाग ब्लास्ट मार देगा‘‘ और ‘दिल गंगा और दिमाग में पंगा‘‘। अपने उग्र स्वभाव के बावजूद, वह एक शिष्ट लड़की है और वह अपने सिद्धांतों में विश्वास करती है। वह पक्के इरादों वाली लड़की है।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी‘ के बाद स्टार प्लस पर अपनी वापसी को लेकर उत्साहित नारायणी कहती हैं, ‘‘मेरे लिए यह घर वापसी जैसा है।‘‘ इस शो के साथ पर्दे पर निभाये जाने वाले अनूठे ‘संबंध‘ के बारे में उनका कहना है, ‘‘हम बच्चे अपनी मां के हमेशा करीब होते हैं। खासतौर से बेटियां, जो अपनी बढ़ती उम्र में अपनी मां पर सबसे अधिक विश्वास करती हैं। हालांकि, यह आम बात है, लेकिन ऐसे शो में काम करना काफी रोचक है, जिसमें एक मां-बेटी की जोड़ी के बीच लड़ाई को दिखाया गया है।‘‘
महिमा इस शो में एक दबंग लड़की का किरदार निभा रही हैं और अपनी भूमिका से वह काफी खुश हैं और उन्होंने कहा, ‘‘जंग लोहे में लगता है मिट्टी में नहीं, और हमारा इरादा मिट्टी का है! यह कुछ ऐसे दमदार डायलॉग्स हैं जिन्हें मैं इस शो में बोलती दिखूंगी। मैं शो में इस शक्तिशाली भूमिका को अदा करने के लिए वाकई में उत्साहित हूं।‘‘ उन्होंने आगे बताया, ‘‘असली जिंदगी में मैं अपनी मां के बहुत करीब हूं और उनका खूब सम्मान करती हूं। लेकिन इस शो में मैं एकदम विपरीत किरदार निभा रही हूं। इस शो में मेरी मां सतरूपा के प्रति मेरा जो रवैया है,वह एक साधारण मां-बेटी के संबंधों से एकदम विरोधाभासी है। खैर यह हम दोनों के बीच मौजूद घृणा के ‘लेनदेन‘ का समीकरण है। इस शो में एक और दिलचस्प चीज है ‘लाल महल‘, यह एक घर नहीं है बल्कि षड़यंत्रों का जाल है, आप तब आश्चर्य करेंगे जब यहां से छुपे गहरे राज बाहर निकलकर आने लगेंगे।‘‘
मां और बेटी की इस शानदार अनोखी जोड़ी के अलावा, इस शो में कई और दमदार कलाकारों को भी देखने का मौका मिलेगा। इसमें संगीता घोष और प्रणीत भट्ट निगेटिव किरदारों में दिखाये जायेंगे। अंजू महेन्दु्र और टॉम आल्टर भी मुख्य भूमिकाओं में होंगे।
सतरूपा और अनामी के बीच आखिर इतनी दूरियां क्यों बन गईं, क्या वे कभी शांति से रह पायेंगी? इसे जानने के लिए देखिये ‘रिश्तों का चक्रव्यूह‘ 7 अगस्त से, शाम 6 बजे सिर्फ स्टार प्लस पर।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here