Chandigarh, July (Pooja Goyal)

हरियाणा स्वर्ण जयन्ती के दौरान, हरियाणा कला परिषद द्वारा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के द्वारा कला और संस्कृति का विस्तार किया जा रहा है। उसी श्रृंखला में बीस दिन की कहानियों की थियेटर कार्यशाला, टैगोर थियेटर में आयोजित की गई है। 5 जुलाई से 25 जुलाई तक इस कार्यशाला का प्रशिक्षण नेशनल स्कूल आॅफ ड्रामा के पूर्व निदेशक प्रो0 देवेन्द्र राज अंकुर करेंगे। इस कार्यशालाओं में हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत 9 कहानियां पढ़ी जा रही है, कार्यशाला में प्रो0 देवेन्द्र राज अंकुर की सहायक निर्देशिका श्रीमती मिता मिश्रा जी ने कलाकारों के साथ शुरूआत की, प्रो0 देवेन्द्र राज अंकुर जी ने नेशनल स्कूल आॅफ ड्रामा से स्नातक किया है। कार्यशाला की शुरूआत कहानियों के पाठन से हुई, जिसके बाद कलाकारों ने सबसे बेहतरीन तीन कहानियों का चयन किया। कार्यशाला में अंकुर जी ने प्रतिभागियों में से एक को एक दूसरे के साथ पेश किया और अभिनय कल्पना के बारे में विस्तृत जानकारी दी । उन्होेेंने बताया कि जब कोई अभिनेता किसी अभिनय या दृश्य के जरिए दर्शकों को पेश करने के लिए किसी वस्तु या दृश्य की कल्पना कर रहा है तो दर्शकों ने उसे उसी रूप में स्वीकार भी किया है। कार्यशाला में ये भी बताया गया कि कहानी में सूत्रधार के ना होते हुऐ भी कहानी को संवाद में बदलकर कैसे कहानी को आगे बढ़ाया जा सकता है। कार्यशाला में कलाकारों ने यह भी जाना कि मंचन के दौरान बिना कोई विशाल सैट लगाऐ, और बिना प्रोर्पटीस इस्तेमाल किए सिर्फ आकृतियों के जरिये कहानी में चल रही परिस्थिति को दर्शकों तक पहुंचाया जा सकता है। सभी प्रतिभागियों को थियेटर व्यायाम के माध्यम से अभिनय कल्पना के बारे में समझाया गया ओैर उनके अभिनय कौशल को देखा । कार्यशाला के दौरान, हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष सुदेश शर्मा, नेशनल स्कूल आॅफ ड्रामा के पूर्व निदेशक, प्रो0 देवेन्द्र राज अंकुर तथा नेशनल स्कूल आॅफ ड्रामा से स्नातक श्रीमती मीता मिश्रा का स्वागत किया

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here