चंडीगढ़ 06 जुलाई: (पूजा गोयल)

किन्नर समाज भी आम लोगों का भला ही चाहता है और उनकी सलामती व् सुख समृद्धि के लिए दुआ ही मांगता है। किन्नर समाज चाहता है कि आम लोगो की तरह ही उन्हें भी मुख्यधारा में लाया जाए। समाज द्वारा उनके साथ भेदभाव न किया जाए बल्कि उन्हें भो समाज का अभिन्न अंग माना जाए। यह कहना है किन्नर महंत कामिनी का ।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में किन्नर महंत कामिनी ने कहा कि उनके किन्नर समाज के कुछ नियम और कायदे है। जिन्हें मानने के लिए वो सब वचनबद्ध है। उनकी यहाँ गद्दीनशीं होती है और उत्तराधिकारी का चयन गद्दी पर विराजमान गुरु द्वारा ही किया जाता है। अगर एक शहर में दो गुट हो तो प्रेम भाव से क्षेत्रो का बंटवारा किया जाता है। कोई भी गुट का सदस्य एक दूसरे के एरिया में नहीं जाता, ऐसा होने पर जुर्माना लगाया जाता है । कामिनी ने बताया की उनकी समाज में गुरु का आदेश सर्वोपरि होगा और चेला गुरु के विरुद्ध नहीं जायेगा। अगर वो ऐसा करता है तो उसका वहिष्कार कर दिया जाता है।

किन्नर रीना, रीटा और मलाइका ने बताया की वही आज कुछ लोगो ने उनके समाज को जीवन यापन के आसान जरिया मानते हुए अपना लिंग परिवर्तन करवा लेते है या कटवा लेते है और नकली किन्नर बन जाते है। लोगो के घरों में ब्याह शादी और बच्चे के जन्म पर नेग मांगने के लिए असल किन्नरों के पहुंचने से पहले ही यह बहरूपिये किन्नर पहुंच कर मन चाही नेग लेकर चलते बनते है और उनका ऐसा करना असल किन्नरों के लिए बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस से हमारा किन्नरों का जीवन यापन और अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

उन्होंने बताया कि इन बहरूपिये किन्नरों को ऐसा न करने और उनके क्षेत्र में न आने के लिए मना करने पर वो उन्हें धमकाते और धर्म समाज का हवाला देकर झूठे मामलों में फंसा देने की भी धमकी देते है। परन्तु आज कुछ बहरूपिये किन्नर उनके समाज के नाम पर लूट कर रहे है उन्हें बदनामी उठानी पड़ रही है।

किन्नर रीना, तमन्ना और कविता ने कहा कि उनके समाज के लिए भी अन्य वर्ग के लिए दिए जाने वाले आरक्षण की तरह ही आरक्षण दिया जाए। उन सब ने कहा कि शहर में किन्नर भवन बनाने के लिए प्रशासन उन्हें जगह मुहैया कराए।

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