Pooja Goyal:

भण्डारी अदबी टस्ट्र] गांधी स्मारक निधि व संवाद साहित्य मंच की ओर से गांधी स्मारक भवन के सभागार में प्रसिद्ध शायर अषोक नादिर की नषे पर आधारित हिन्दी व पंजाबी में  कविताओं की  पुस्तक ‘ये जिंदगी है अनमोल का भव्य समारोह में विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस चण्ड़ीगढ श्री संजय बेनीवाल जी ने युवाओ को नषे से दूर रहने का अग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि घर में बच्चा नषा करके आये तो उसको सख्ती से पेष आना चाहिए। बच्चो को नषे से दूर रखने के लिए माताओं-पिताओं को भी ध्यान देना होगा। विषिष्ट अतिथि प्रेम जनमेजय वरिष्ठ व्यंगकार व संपादक ‘व्यंग यात्रा’ नईदिल्ली डा. चन्दर त्रिखा] उपाध्यक्ष हरियाणा उर्दू अकादमी और अध्यक्षता के.के.शारदा] अध्यक्ष गांधी स्मारक निधि ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध संचालिका शैली तनेजा ने किया।

कार्यक्रम के आरम्भ में पुस्तक के लेखक अषोक नादिर ने बताया कि नषा विष्वव्यापी समस्या है। इस समस्या की जड़ में जाने की बजाये हम अदीबों ने फैसला किया कि कविताओं, नज्मों व गजलों के माध्यम से युवा वर्ग को इस जाल से बचने का आग्रह करें तथा उनमें उत्साह और जोष की भावना पैदा करें।

के.के.शारदा ने कहा कि भारत में सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने नषा के विरूध आवाज उठायी। उन्होंने नादिर को मुबारक देते हुए कहा कि यह पुस्तक घर-घर तक विषेष कर पंजाब के गांवो में पढ़ाई जाए।

इस अवसर पर अषोक नादिर] प्रेम विज] सिरी राम अर्ष, केदार नाथ केदार] प्रज्ञा शारदा] गुरदीप गुल] गुरमिंदर सविता गर्ग ने अपनी कविताओं का पाठ किया। हिन्दी व पंजाबी के अनेक कवि व साहित्यकार उपस्थित डॉ. सुभाष गोयल और डॉ.एम.पी.डोगरा ने नषे के उपचार पर अपने विचार रखे। डॉ. देवराज त्यागी ने धन्यवाद किया।

 

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