Chandigarh 4 April (Pooja Goyal):  

: सिक्ख एनिमेशन फिल्मों का मुखी माने जाने वाले विसमाद के नाम सन 2005 में इतिहास में “पहली बार पूरी लंबाई वाली भारतीय एनिमेशन फ़िल्म साहिबज़ादे:ए सागा आफ वेलर एंड सैकरीफाईस‘(बहादुरी औरh की एक कहानी) रिलीज का सेहरा बांधा जाता है।

३ डी ऐनीमेटड फ़िल्मका संगीत चण्डीगढ़ प्रैस क्लब में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ जुड़ी सखशियतों की हाज़िरी में जारी किया गया। इस मौके पर भाई तारु सिंह (डी एनिमेशन फ़िल्म) की Coreटीम भी मौजूद रही।

संगीत रिलीज के मौकेपर, सुखविन्दर सिंह, सीईयो विसमाद, जो फ़िल्म के लेखक और डायरैक्टर भी हैं, ने कहा, “हम आगामी फ़िल्म के लिए डी एनिमेशन और मोशन (गति) ग्राफिक्स तकनीक का प्रयोग करते हैं जिससे न सिर्फ़ हमारे काम को विश्व पहुँच मिल सके बल्कि दुनिया के कोने -कोने पर बैठे हमारे दर्शकभाई तारु सिंहकी जीवनी से जानकार हो सकें।

कँवर ग्रेवाल, जसपिन्दर नरूला, और सिद्धू ताजपुरी की बाकमाल आवाजों के साथ हमारे इस प्राजैकट को ओर चार चाँद लग गए हैं। बहुत सी कलाकारों और संगीत के महांरथियों के तजुरब्यें और मेहनत के साथ इस फ़िल्म का संगीत तैयार किया गया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारी डी एनिमेशन फ़िल्म का संगीत ज़रूर आने वाले कई दशकों तक याद रखा जायेगा।

सी.यी,ओ पीटीसी नैटवर्क, रबिन्दर नारायण ने इस सम्बन्धित बातचीत करते बताया कि पीटीसी मोशन पिकचरज़ दे के साथ विसमाद (म्युज़िक पार्टनर) का संगीतक गठजोड, अर्थपूर्ण गाना और संगीत को प्रफुल्लित करन और संस्कृति के साथ जोड़ती गायकी की तरफ नौजवान पीड़ा को चलाने दे फलसफे पर ही आधारत है।

हाल ही में दुनिया भर के हर कोने में से पंजाबी भाईचारो के साथ सम्बन्धित लोगों ने अश्लीलता और हिंसा भरने से गानों के प्रचलण से गुस्से और नाराज़गी ज़ाहिर की है क्योंकि यह प्रचलण पंजाब के अमीर विरसे को घुन की तरह खाता हुआ दिखाई दे रहा थी।

हम पी.टी.सी. नैटवर्क परभाई तारु सिंहके रुहानियत भरपूर संगीत को परमोट (उत्साहित) djus की ज़िम्मेदारी ले कर मान महसूस कर रहे हैं, जो कि पंजाबी माँ -बोली की सेवा के लिए हमारे की तरफ से एक छोटा सा तोहफ़ा होगा।

भाई सतविन्दर सिंह और हरविन्दर सिंहरागी जत्थों के साथ जसपिन्दर नरूला की तरफ से 4सुरीले गुरबानी कीर्तन शब्दों के इलावा कँवर ग्रेवाल और टाइगर स्टाइल के गीतों के साथ नौजवानों को पंजाबियत और रूहानी संगीत के साथ जोड़ने की एक कोशिश की जायेगी।

कहानी:

सिक्ख कौम का इतिहास धर्म और कौम ख़ातिर दीं शहादतों का इतिहास है, जिस में भाई तारु सिंह जी का नाम उन्होंने महान शहीदों में आता है, ftUgksusa ने ज़ालिम सरकार dsआगे सीस >qdkmusकी बजाय सीस कटवाना ठीक समझा और शहादतें डालीं।

मुग़ल साशन दौरान जब सिक्खों के सरों के मूल्य डाले जाते थे, उस समय भाई तारु सिंह जी ने न सिर्फ़ 24 सालों तक संघर्ष किया बल्कि सभी पड़ोसी गाँवों में हिंदुयों और मुसलमानों का सत्कार और प्यार भी हासिल किया। भाई साहब जी शहीद हुए थे क्योंकि वह एक सच्चे खालसा थे। उन्होंने बिना किसी जाति -पात के भेदभाव से एक मुसलमान लड़की को ज़ालिम मुगलों के चंगुल में से आज़ाद करवाया थी।

संगीत निर्माण:

भाई सतविन्दर सिंह, भाई हरविन्दर सिंह, नवनीत कौर और जसकीरत सिंह द्वारा किया गया शब्द कीर्तन न सिर्फ़ रूहानी सकून देता है, बल्कि यह फ़िल्म के विषय के साथ पूरा न्याय भी करता है। अतुल शर्मा, जसकीरत सिंह और टाईगरस्टायल जैसे तजरबेकारों ने यह यकीनी बनाया है कि इस फ़िल्म का संगीत अपने आप में ही अलग हो और इसका निवेकलापन सीधा दिल तक पहुँचने के समर्थ हो। जहाँ प्रेम कुमार ने साउंड डिजाइनर के तौर पर बहुत प्रशंसायोग काम किया है, तो वहां ही लाभ चतामली और सुखविन्दर सिंह रटौल ने इन गीतों के शब्दों रूपी माला में बहुत ख़ूबसूरती के साथ पिरोया है।

पंजाबी सिनेमा में पहली बार:

प्रसिद्ध सूफ़ी गायक और लाखों पंजाबियों के दिल की धड़कन कहलवाते कँवर ग्रेवाल ने फ़िल्म के लिए प्रोमो गीत को अपनी आवाज़ दे कर शहीद भाई तारु सिंह जी को एक श्रद्धा सहित छोटी सी श्रद्धाँजलि देने की कोशिश की है, जिनको हर सिक्ख रोज़मर्रा की अरदास समय याद करते हैं।

प्रोडक्शन और संगीत:

इस फ़िल्म का मुख्य हिस्सा मोहाली के विसमाद एनिमेशन स्टूडियो में बनाया गया है। कुछ 3डी कर्म, जिनको हार्डवेयर / सॉफ्टवेयर की ज़रूरत थी, Chennai में विसमाद रचनात्मिक टीम की सीधी निगरानी में बनाऐ गए हैं। विसमाद के घर की टीम के साथ ३ डी एनिमेशन स्टूडियो के तौर पर Ajax Media के साथ मिल कर काम किया। यह फ़िल्म विश्व भर में रिलीज की जायेगी।

विसमाद मोहाली आधारित एनिमेशन स्टूडियो है, जिस को सिक्ख इतिहास के प्रचार और प्रसार के लिए की जा रही कोशिश के लिए दुनिया भर के सिक्खों के पास से बहुत सत्कार और मान प्राप्त हुआ है। विसमाद ने एक दशक से कम समय पाँच ऐनीमेटड फ़िल्में का निर्माण किया। उन की तरफ से सिक्ख धर्म पर अच्छी तरह खोज djus के बाद और ऐतिहासिक तथ्यों की प्रमाणता पर [kjsmrjus के बाद ही इन फिल्में को अलग -अलग माधिअमें के द्वारा दर्शकों के सम्मुख पेश किया जाता है, जिस कारण देश विदेश में बस रही समूचे सिक्ख संगतें उन का सम्मान करती हैं

विसमाद द्वारा फिल्में:

१. साहिबज़ादे (२००५)

२. बन्दा सिंह बहादुर (२००६)

३. सुंदरी, द ब्रेव कौर (२००८)

४. भाई तारु सिंह (२०१०)

५. भाई सुबेग सिंह शाहबाज सिंह (२०१२)

विसमाद ने अब तक सिक्ख प्रोजेक्टों में $ २.०० मिलियन से अधिक निवेश किया है और आने वाली ihMh;ksaको शिक्षित djus के लिए सीखने के साधनों को तैयार djus के लिए हमेशा कोशिश करता रहता है। विसमाद द्वारा सिक्ख एनिमेशन प्राजैकट समाज द्वारा बनाईं बनाईं फिल्मों के लाभ को दोबारा ओर

फिल्में और ओर डिजिटल साधन बनाने के लिए इस्तेमाल करा जाता है जिससे सिक्ख कौम के माणमत्ते इतिहास से पूरी दुनिया को जानकार करवाया जा सके।

 

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