Pooja Goyal

मैं [ मनोज विश्वकर्मा ] सामाजिक कार्यकर्त्ता, RTI कार्यकर्त्ता और वैज्ञानिक हूँ l हरियाणा में जाती विशेष के लोगों ने आरक्षण के नाम पर शरीफ लोगों की दुकान, घर, स्कूल जला दिया गैंग रैप तक किये गए, मैं भी जाती विशेष के अन्याय और अत्याचार का शिकार हूँ l राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जो मुकदमें जाट आरक्षण के खिलाफ चल रहे थे, उनमें जाट जाती का सरकारी नौकरियों के हिस्सा का जो डेटा लगा हुआ है, वो मेरी RTI का है l इस डेटा के चलते ही राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने जाटों को आरक्षण देने से मना कर दिया था l हाई कोर्ट चंडीगढ़ ने भी हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग को नए सिरे से सर्वे करने को कहा था l इस काम में डेटा का बहुत बड़ा योगदान था l इसी कारण के चलते जाट समाज की मुझसे नाराजगी थी l जान का खतरा भी था, इसीलिए मुझे सुरक्षा दी गई थी l क्योकि हम साधारण परिवार से थे तो सुरक्षा के बावजूद भी गनमैन के हथियार तक छीन लेने की धमकी दी गई l क्योकि ये लोग बहुत ही ताकतवर, संपन्न और प्रभावशाली थे, इसलिए हरियाणा सरकार के नेता, मंत्री पुलिस और सेना तक इनके खिलाफ कोई कार्यवाही करने में विफल रहे l यहाँ तक इनके खिलाफ डाले गए मुकदमें तक सरकार ने वापिस ले लिए, जिसके चलते इनकी दबंगई और बढ़ गई l
26 महीने तक सुरक्षा के बाद अचानक मेरी सुरक्षा हटा ली गई l इसके बारे में जानकारी मांगी, तो मुझे कोई कारण नहीं बताया गया l इसके बारे में हमनें हरियाणा के DGP , ADGP [ CID ] और मुख्यमंत्री से पत्राचार भी किया l लेकिन हैरानी की बात ये है कि– उपरोक्त में से कोई भी सुरक्षा हटाने का कारण बताने को तैयार नहीं ….. !!! जबकि किसी भी जायज निर्णय के पीछे, कोई न कोई कारण जरूर होता है l अगर वो कारण नहीं बताया जा रहा है, तो इसका मतलब, कहीं न कहीं, कोई न कोई, गड़बड़ी जरूर है l
मेरे कुछ गंभीर सवाल —
1 ) पिछले 26 महीने से मेरी जान को खतरा था, अब अचानमक ऐसा क्या हो गया कि मेरी जान को खतरा ख़त्म हो गया …….??? क्या जाट समाज के लोग शरीफ हो गए हैं …….
2 ) क्या जाट समाज और मेरे बीच में कोई लिखित समझौता हो गया है, जिसके चलते DGP साहब को ये लगा कि भविष्य में जाट समाज के लोग, मेरे या मेरे परिवार के को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे ……???
3 ) जाट समाज के दबंगई के चलते, हरियाणा सरकार ने इनके खिलाफ डाले गए सभी मुकदमें तक वापिस ले लिए, जिन्होंने हरियाणा को जलाया, उनको आज तक सजा नहीं हो सकी l तो इस बात की क्या गारंटी है कि — भविष्य में जाट मेरे या मेरे परिवार को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे……???
4 ) क्या DGP साहब ने ये सुनिश्चित करने की कोशिश करी की सुरक्षा मिलने के बाद भी मेरे दुश्मन कितने बढे हैं और उन्होंने मुझे और गनमैन को प्रताड़ित करने के लिए क्या -2 षड्यंत्र रचे …….??? जबकि मैंने उनको लिखित में, मेरे बयान में भी बार-2 लिख कर दिया हुआ है l
मेरा आप सभी से निवेदन है कि– मेरी आवाज़ को उपरोक्त लोगों तक पहुँचाने में मेरी मदद करें l ताकि ये लोग अपने निर्णय के कारण मुझे बता सकें और मुझे ये पता चल सके कि — हरियाणा के DGP श्री मनोज यादव, ADGP [ CID ] श्री अनिल राव और मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर किसके दबाब के चलते मेरी सुरक्षा हटाने के कारण नहीं बता रहे ….??? और न ही मेरे उपरोक्त सवालों के जबाब दे रहे …. ऐसा करने कि इनकी क्या मजबूरी है …….???
हमें विशवास है कि — आप हमारी मदद करेंगे, ताकि मैं जिन्दा रह कर कैंसर कि दवाई बना सकूं….

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