Chandigarh 15 March (Pooja Goyal):

देश भर में आज़ादी के बाद भी दलितों का दमन चलता रहा। हरियाणा में दलितों पे अत्याचार के बहूत से मामले सामने आए पर किसी भी मामले में समय के साथ न्याय नही मिला। सिविल सोसाइटी के हस्तक्षेप के बाद भी  हरियाणा में दलितों पे दमन होता रहा और न्याय नही मिला। सरकार हर दलित उत्पीड़न के मामले में मुखदर्शक बनी रही। इन सबके मध्यनजर देश में SC कमीशन के तर्ज पे हम 18 मार्च की रैली से हरियाणा में “दलित बोर्ड” की मांग करते हैं, दलित बोर्ड के सभी नुमाइन्दे केवल SC समाज के द्वारा चुने जायेगे। दलित बोर्ड सभी दलित उत्पीड़न के मामलों की जांच करेगा और लोगो के लिए रियायत भी तय करेगा। 18 तारीख को जींद में विधायक जिग्नेश मेवानी, जेएनयू छात्र नेता प्रदीप नरवाल और पूर्व अध्यक्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय ऋचा सिंह आ रही हैं। रैली का मकशद प्रदेश भर में हो रहे दलित मज़दूर और महिलाओं के उत्पीड़न की खिलाफत करना है। हाल ही में सरकार ने ईश्वर सिंह, जींद मामले में परिवार के वादे  पूरे नही किए, शहीद सतीश कुमार के परिवार के  वादे पूरे नही किए, झांसा कांड की निष्पक्ष जांच नही की, खरखोदा हत्याकांड में पीड़ित परिवार की अभी तक मांगे पूरी नही की। 18 के बाद हम राज्यस्तरीय अभियान चलाएंगे हरियाणा दलित बोर्ड की मांग पे, पीड़ित परिवारों के न्याय के लिए।

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